उदय किरौला की उत्तराखंड के मित्रों के नाम चिट्ठी
शुभ स्थान – अल्माड़
माघ 17 पैट, वृहस्पतिवार
30 जनवरी,2025
सिद्धीश्री सर्वोपमा योग्यवर-6
आमा-बुबू, ठुल ईजा-ठुल बौज्यू, कका-काकी,ममा-मामी और सबै ठुला कैं म्येरि पैला और ननां कैं प्यार आशीष।
उत्तराखंड में राष्ट्रीय खेल चलि रयीं। देहरादून दगड़ै हल्द्वाणि, अल्माड़, पिथौरागढ़ और जाग जगां यू खेल सरकार कराण रै। नगर निगम, नगर पालिका चुनाव लै है गयीं। चुनाव में बोतल, मिठै डाब दगाड़ ढेपू टाक बांटणियाल क्ये कसर नि छोड़ि बल। उत्तराखंड में सरकारल सबूं लिजी एक नियम वाल कानून बणै हालौ बल। लोग आपुण आपुण हिसाबल कानून पर बात करण रयीं। सभापति चुनावा लिजी लै नेता लोग आपुण आपुण गोटि फिट करण में लागि रयीं।
वसंत पंचमी त्यारै तैयारी पहाड़ पन लोग करण रयीं। आब अबै पंडि ज्यू द्वि-द्वि त्यार करि दिणीं। क्वे पंडि ज्यू पातौड़ यानी पंचाग में वसंत पंचमी द्वि फरवरी हूं तो क्वे पंडि ज्यू पंचाग में वसंत पंचमी तीन फरवरी हूं छू बल। जादेत्तर लोग द्वि फरवरी हूं त्यार मनाण रयीं। हमार गौंक सभापति ज्यू कूनी कि माघ शुक्ल पक्षै पंचमी दिन सरस्वती माता जनम दिन हूंछ। य लिजी वसंत पंचमी दिन मां सरस्वती पुज करी जां। कवि साहित्यकार लोग य लिजी वसंत पंचमी दिन कवि सम्मेलन और दुसार तिसार आयोजन करनी।
हमार गौंक सभापति ज्यू कूनी कि हमर पहाड़ में पंचमी त्यार हूं सिर पंचमी त्यार लै कूनी। य दिन जौ डाउ ख्वार में धरी जानी। रतै पर नै धोई बे घरौं पन स्यैणि धेई द्वार लिपनी। जौ डाउ पतेसणा लिजी(प्रतिष्ठा) पंडि ज्यू आपुण जजमानौ घर जानी। बामण ज्यू जौ डाउ पतेसि बे जजमानों कैं आशीर्वाद दिनी। वी बाद जौ डाउ गौं सारै मंदिरों में चढ़ाई जानी। हर मंदिर में जो डाउ चढ़ाणा लिजी मंदिरा पुज्यार ज्यू घर सब आपुण आपुण घर बटी पखो( तेल, पिसूं, धूप अगरबत्ती, भेट और जौ डाउ) दि जानी। गौं सारै मंदिरों में द्यप्तां कैं भोग लगाई जां। जौ डाउ चढ़ाई जानी। वी बाद सारै मंदिरों में कन्या कुंवार यानी नना कैं पु और पकवान खाणा लिजी धात लगाई जां। मंदिरा पुज्यार ज्यू वी बाद हर घरा लिजी पु-प्रसाद और असीक आपुण तरफ बटी भेजनी। घर में लै सब लोग पकवान बनानी। आपुण च्येलि बेटियां कैं जौ तिनाण और पुरि पकवान भेजनी। सब लोग आपुण धेई द्वार और मोहरि(खिड़की) पर गुबरैल जौ तिनाड़ लगानी। सभापति ज्यू कूनी हर्यावा दिन लै इसिकै द्वार पर गुबरैल हर्याव लगानी। पैली बेटी च्येलि बेटी आपुण धमेलि पर हर्याव या जौ डाउ बादछी। आब न धमेलि रै गे। ना पहाड़ा त्यार ब्यार रै गयीं।
हमार गौंक सभापति ज्यू कूनी पहाड़ा नान जौ और ग्यौं डाउ लै नि पिछाड़न। पहाड़ा लोग लै वसंत पंचमी, घ्यूं संक्रांत और दुसार त्यार आब केवल सोशल मीडिया पर मनाण रयीं। हां करवा चौथ, गणेश चतुर्थी और दुसार तिसार त्यार टेलीविजन में देखि बे लोग गौं बाखई में मनाण रयीं। आपुण त्यार ब्यार और आपुण संस्कृति कैं हम कम समझण रयूं।
पहाड़ा दुकानों पन लै आज भोउ पिंगेई रूमाल खूब बिचाण रयीं। पहाड़ पन आज भोउ जाग जगां राड़ और दैण फुलि बे अंदाज लागण गो कि वसंत ऐगो। पतझड़ा बाद डाई बोटन पर पौ फूटण रयीं। मौसम बदई गो। क्वे क्वे जगां बुरूसी फूल लै फुलि गो कै सुणाई में ऐरै। उसी तो हमार पहाड़ पन पूसा इतवार बटी बैठ होलि चाल है जानी। बैठ होलि में लोग भगवान कैं याद करनी। हमार गौंक सभापति ज्यू कूनी कि वसंत पंचमी हूं धरती पिंगई है जां। धरती श्रंगार देखण में ऊंछ। वसंत पंचमी बटी होल्यार लै श्रंगार रस में होली गीत गानी। मौसम बदलाव हुणौ। घरौं पन कूनी कि जब डाउ बोटिन में पौ फुटूं उ बखत रात हूं एक है एक स्वैण देखिनी। हमार गौंक सभापति ज्यू कूनी कि हमर समाज में एकता बणि रौ। सब मिलि जुलि बे आपसी एकता दगाड़ स्वैण देखणै जरूरत छू। पहाड़ पन धुपरि कै चड़कैल घाम लागण रौ। रतै ब्याल ठंड बहुत है जाणौ। लोग नीमू सानि बे खाणै रयी।
आज इतुकै लेखण रयूं। चिट्ठी ठुलि हैगे कै नराज झन हया। सोचनू कम लेखूल पर मनसुप जसै लागि जानी। चिट्ठी मिलिगे कै एक आंखर लेखि दीया। आज भोउ सबूं कैं मुबाइल पर अनलिमिटेड प्लान हूंछ। एक आंखर लेखि दिला तुमर मुबाइल घोइण ज्ये क्ये रौ। चिट्ठी पढ़ि बे इष्ट मितुरौं कैं लै भेजि दीया। आपुण ज्यानै हिफाजत करीया। तबै पालना होलि। बांकि फिर लेखूल
तुमर मितुर,
उदय किरौलासंपादक बालप्रहरी
सचिव बालसाहित्य संस्थानदरबारीनगर अल्मोड़ा उत्तराखंड
मोबाइल 9412162950
ई मेल balprahri@gmail.com